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ऑक्सीजन का ऑडिट कराएगी योगी सरकार


लखनऊ। ऑक्सीजन की हो रही कमी के चलते योगी सरकार अब निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन का ऑडिट कराएगी। आइआइटी कानपुर,आइआइएम लखनऊ, आइआइटी बीएचयू करेगा ऑक्सीजन की मॉनीटरिंग। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए 32 नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने पर काम हो रहा है। सरकार ऑक्सीजन का ऑडिट कराने जा रही है। अस्पतालों में बेड की क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रेमडेसिविर जैसी दवाओं का भी कोई अभाव नहीं है। तैयारी पहले से बेहतर है।


मुख्यमंत्री ने समाचार पत्रों के संपादकों के साथ वर्चुअल संवाद के दौरान कोविड-19 के प्रबंधन के लिए सरकार के कदमों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले एक निजी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन खत्म होने की सूचना वायरल की गई थी। पड़ताल कराया गया तो पता चला पर्याप्त ऑक्सीजन है। इससे लोगों में भय बढ़ रहा है। जिसे जरूरत नहीं है, वह भी ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए परेशान है। मीडिया को भी जागरूकता बढ़ाना चाहिए कि हर संक्रमित मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है। योगी ने कहा कि हमने सरकारी संस्थानों में ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था कर रखी है। डीआरडीओ की नवीनतम तकनीक आधारित 18 प्लांट सहित 32 नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम हो रहा है।


सरकार ऑक्सीजन प्लांट स्थापना के लिए प्रोत्साहन दे रही है। जब अचानक बेड बढ़ाने पड़े तो कुछ समस्या जरूर हुई, लेकिन तेजी के साथ उस अभाव की पूर्ति कर ली गई। योगी ने कहा कि ऑक्सीजन की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए सरकार आईआईटी कानपुर, आईआईएम लखनऊ और आईआईटी बीएचयू के सहयोग से ऑक्सीजन का ऑडिट कराने जा रही है। ऑक्सीजन की मांग-आपूर्ति-वितरण की लाइव ट्रैकिंग की व्यवस्था लागू हो गई है। ऑक्सीजन कहीं कम नहीं है, बशर्ते केवल जरूरतमंद ही इसका इस्तेमाल करें।