• एजेंसी

टीकाकरण का नया चरण कोविड-19 से लड़ाई में निर्णायक सिद्ध होगा : योगी





मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से आहूत कोविड-19 की समीक्षा बैठक में कहा कि 1 मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के कोविड टीकाकरण की व्यवस्था लागू की जा रही है।


टीकाकरण का यह नया चरण कोविड-19 से लड़ाई में निर्णायक सिद्ध होगा।  योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य सरकार सभी लोगों को गुणवतापरक चिकित्सीय सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कोविड-19 के उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल की तुलना में आज नए कोविड मरीजों की संख्या में कमी आई है। वहीं दूसरी ओर कोरोना से रिकवर हुए मरीजों की संख्या में कल की अपेक्षा वृद्धि हुई है। यह एक आशाजनक संकेत है। उन्होंने कोरोना के खिलाफ जंग को पूरी मजबूती से जारी रखने पर बल दिया।


उन्होंने स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग को सभी जिलों में कोविड बेड की संख्या को दोगुना करने के लिए तेजी से कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग कोविड अस्पतालों में आईसीयू तथा आइसोलेशन बेड का जिलावार डाटा तैयार करें, जिससे कोरोना मरीजों को त्वरित उपचार पूरी सहजता से उपलब्ध हो सके। उन्होंने अधिकारियों को ऑक्सीजन ऑडिट के मानक तय करने के निर्देश भी दिए हैं। 


उन्होंने कहा है कि अस्पतालों एवं ऑक्सीजन उत्पादन व रीफिलिंग से जुड़ी इकाइयों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो। समीक्षा में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह व वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि कोरोना की नई दवा के सम्बन्ध में आईसीएमआर से संवाद किया जाए। केंद्र सरकार के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल द्वारा इस दवा को मंजूरी दे दी गई है। कोविड मरीजों के उपचार में इसका उपयोग आईसीएमआर द्वारा अनुमन्य किए जाने के बाद ट्रायल के तौर पर सर्वप्रथम लखनऊ, वाराणसी व कानपुर नगर में किया जाए।



मुख्यमंत्री ने कहा है कि निजी चिकित्सालय द्वारा मरीजों से निर्धारित मूल्य से अधिक शुल्क न लिया जाए। अगर ऐसा होता है, तो उस संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर सहित सभी जीवनरक्षक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए आवश्यक है कि इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। ऑक्सीजन तथा जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और एनएसए के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई हो। 



मुख्यमंत्री ने कहा है कि मेडिकल किट वितरण के कार्य में आंगनबाड़ी तथा आशा वर्कर्स की भी सेवाएं प्राप्त की जाएं। इस कार्य के लिए इन्हें इन्सेन्टिव भी दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मास्क के अनिवार्य उपयोग के लिए जुर्माने की प्रभावी कार्यवाही की जाए। जुर्माने से प्राप्त धनराशि का 50 प्रतिशत उपयोग सड़क सुरक्षा तथा शेष 50 प्रतिशत धनराशि का उपयोग गरीब व जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क मास्क देने के साथ-साथ पुलिस बल को मास्क, ग्लव्स व सेनिटाइजर उपलब्ध कराने में किया जाए। मास्क को स्वयं सहायता समूह के माध्यम से तैयार कराया जाए।