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अखिलेश यादव सामने दिख रही हार से हताश हैं: स्वतंत्र देव

यूपी की 24 करोड़ जनता निर्भीक और भ्रष्टाचारी भयभीत: केशव मौर्य

लखनऊ, सोशल टाइम्स। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सपा नेता अखिलेश यादवअखिलेश यादव जी को सामने दिख रही हार से हताशा में हैं। को सामने दिख रही हार से हताशा में हैं। इसलिए उन्होंने अभी से बहाना बनाना शुरू कर दिया है। वो कभी पत्रकारों तो कभी जनता, कभी पुलिस तो कभी हेलीकॉप्टर वालों पर अपनी कमियों का दोष मढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख की नौटंकी अभी चलने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि अखिलेश जी यहां रोज नए प्रपंचों के प्रदर्शन से काम चलने वाला नहीं है। जनता आपको और आपकी पार्टी की अदूरदर्शिता से भली भांति परिचित है। इसलिए वह आपकी इन हरकतों से अपना इंटरटेनमेंट तो कर सकती है इसे गंभीरता से लेने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि जब जनता साथ न हो तो खीझ इस प्रकार ही निकलती है। पिछले चुनाव में तो परिवार वालों आपकी खीज झेली और बर्दाश्त की थी, अब जनता पर खीझ न उतारें। ऐसी हरकतों से आपको फोटोओप और प्रचार तो मिल सकता है वोट नहीं। इस बार जनता का वोट सपा के गुंडाराज, दंगाराज की वापसी न होने के लिए फिर से पड़ने वाला है और जेलवासियों, बेलवासियों की वापसी नहीं होने वाली है।

वहीं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में गुंडों, अपराधियों, दंगाइयों से पुलिस के जवान डरते थे। अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त था। यहां तक कि तबके मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद अपने चचा आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी से डरते थे। मौर्य ने कहा कि सपा शासन में राज्य केवल दंगों के कारण जाना जाता था। सपा के कार्यकाल में 700 दंगे हुए थे, जबकि भाजपा की पांच साल की सरकार में यूपी में एक भी दंगा हुआ। आगरा की छावनी विधानसभा में यूपी के मौर्य ने विपक्षी पार्टियों पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता ने 2017 के चुनाव में भाजपा को आशीर्वाद दिया था और आगरा की सभी नौ सीटों पर कमल का फूल खिलाया था। वह एक बार फिर सभी सीटों पर कमल खिलाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने अपनी प्राथमिकता में सबसे ऊपर कानून व्यवस्था को रखा ताकि 24 करोड़ लोगों को सुरक्षा का माहौल दिया जा सके। इसका असर यह है के आज अगर सबसे ज़्यादा कोई भयभीत है तो अपराधी, भ्रष्टाचारी और दंगाई है। अगर कोई निर्भीक तो वह आगरा समेत समूचा उत्तर प्रदेश।