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अखिलेश बोलें: भाजपा की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर

प्रदेश में गोवंश की बदहाली जारी: यादव

लखनऊ, सोशल टाइम्स। मंगलवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है। वे जो कहते हैं, वह करते नहीं हैं। बल्कि जो कहते हैं उसका उल्टा ही करते हैं। उनके सभी वादे सत्य की कसौटी पर झूठे ही निकले हैं। आठ महीने में घरेलू रसोई गैस की कीमत में 190 रूपए की बढ़त हो गई है। जनकल्याण की यही भाजपाई कहानी है। भाजपा ने किसानों की आय दुगनी करने का सपना दिखाया, लोग उसके भ्रम में जीने लगें। किसी भी किसान की आय दुगनी नहीं हुई, बल्कि उस कर्ज बढ़ गया है, मंहगाई बढ़ गई।

उन्होंने कहा कि नदी सफाई करने के दावेदारों को गोमती की दुर्दशा नहीं दिखती है। प्रदेश के गड्ढामुक्त होने का दावा करने वाले उपमुख्यमंत्री जी को खुद ही नहीं पता होगा कि वे इस सम्बंध में कितनी बार दावे कर चुके हैं। गंगा मैया और आदि गंगा गोमती की कसमें खाने वालों ने नमामि गंगे कहकर गंगा जी को निर्मल बनाने का प्रयास छोड़ दिया हैं भाजपा सरकार में लखनऊ के बीचों-बीच व्याकुल गोमती माई पीड़ा से कराह रही है। जलशक्ति और नदी सफाई के नाम पर हजारों करोड़ों खर्च करने वाली भाजपा ने सिर्फ भ्रष्टाचार किया है।

यादव ने कहा कि गोसंरक्षण के नाम पर सियासत करने वाले मुख्यमंत्री जी के राज में गोवंश की बदहाली जारी है। गोवंश के संरक्षण की बड़ी-बड़ी बातें करने वालों के राज में गाय भूख-बीमारी से मर रही हैं। उनकी अकाल मृत्यु के दुःखद समाचार मिलते रहते है। इटावा में बसरेहर ब्लाक में नगलाहरी में गोशाला में 15 गोवंश की मौत हो गई। एक दर्जन से ज्यादा गाएं बीमार है यही नहीं पिछले 5 दिनों में 35 गोवंश की मौत हो चुकी है। उपमुख्यमंत्रीजी की ‘गड्ढ़ा मुक्ति‘ पर नई-नई डेडलाइन देते रहते हैं। जबसे भाजपा सत्ता में आई है जनता को बस तारीख पर तारीख ही मिलती आई है। मुख्यमंत्री जी ने भी साढ़े चार साल में सड़कों की दुर्दशा नहीं देखी क्योंकि वे हवाई यात्राएं करते रहते हैं। प्रदेश की सभी सड़कें ‘गड्ढायुक्त‘ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार दोनों ने जनसामान्य को तकलीफ देने के अलावा और कुछ नहीं दिया है। महंगाई, भ्रष्टाचार और कुशासन से सभी त्रस्त हैं। ये सरकारें सभी मोर्चो पर विफल रही है। राज्य की बदनामी तो देश के बाहर तक हो गई है। जनता ने अब भाजपा सरकार को वोट की चोट देना तय कर लिया है। उसके सत्ता से हटने और समाजवादी सरकार बनने पर ही जनता को ‘अच्छे दिनों का एहसास हो सकेगा।