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  • ब्यूरो

अखिलेश यादव ने कहा: जनता समाजवादी पार्टी के साथ है

किसानों की लड़ाई समाजवादी पार्टी की लड़ाई है...

लखनऊ, सोशल टाइम्स। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी जनता के साथ है और जनता समाजवादी पार्टी के साथ है। भाजपा लोकतंत्र को कमजोर करने में लगी है। भाजपा का जन ‘आशीर्वाद‘ छद्म अभियान है। समाजवादी पार्टी का समाज जोड़ो अभियान है। भाजपा सरकार को जासूसी करने से ही फुर्सत नहीं है, वह विकास कब करेगी? भाजपा के नए-नए अभियान वस्तुतः जनता की ताकत के सामने सरकार की घबराहट के द्योतक है। सपा प्रमुख ने पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि भाजपा ने जिला पंचायत चुनावों के नतीजों को अपनी गुण्डागर्दी से बदला है। लोकतंत्र में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की मर्यादा को उसने तार-तार किया है। भाजपा षड्यंत्र के तहत समाजवादी पार्टी के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करती है। भाजपाई आई.टी. सेल के जरिए भेष बदलकर समाजवादी पार्टी के विरूद्ध झूठे प्रचार को बढ़ावा देने में लगी है। यादव ने कहा है कि भाजपा ने अपने संकल्प-पत्र को झूठ का पुलिंदा बना दिया। किसान की आय आज कितनी है जिसे भाजपा ने दोगुनी करने का वादा किया। उसकी रूपरेखा आज तक नहीं बताई गई। किसान को न तो अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) मिला, न ही फसलों की उत्पादन लागत का डेढ़ गुना मूल्य मिल पा रहा है। भाजपा सरकार किसान विरोधी काले कृषि कानून बनाकर किसानों की खेती छीनने का प्रबन्ध कर लिया है। मंहगाई क्यों बढ़ रही है, भाजपा बताए यह कब कम होगी।

उन्होंने ने कहा कि किसानों की लड़ाई समाजवादी पार्टी की लड़ाई है। समाजवादी पार्टी किसानों की पार्टी है। नौजवानों की नौकरी का समाधान सरकार क्यों नहीं निकालती है। भाजपा सरकार ने विकास तो कुछ किया नहीं बस मुख्यमंत्री जी अपनी फोटो और विज्ञापन के सहारे छवि चमकाने को उपलब्धि मानते है। आर.एस.एस. की रणनीति पर काम करने वाला राजनैतिक संगठन भारतीय जनता पार्टी है। यह उद्योगपतियों का पक्षधर संगठन है। भाजपा राज में अन्याय, अत्याचार, बलात्कार, शोषण बढ़ा है और महिलाओं का अपमान हुआ है। सड़क-बिजली-पानी सभी का अकाल है। डबल इंजन की सरकार हर मोर्चे पर बेहद कमजोर साबित हुई है।वास्तव में भाजपा नेतृत्व अपने अहंकार में डूबा हुआ है। उसने जनहित के मामलों की पूर्णतया उपेक्षा की है और केवल अपने राजनीतिक स्वार्थसाधन की चिंता की है। सन् 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में जनता बदलाव की मांग कर रही है। वह ईवीएम मशीन के जरिए अपना निर्णय देकर भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगी और समाजवादी सरकार पर विश्वास जताएगी।

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