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सपा प्रमुख ने कहा: प्रदेश अपराधों की आग में झुलस रहा है

अपने संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ पहुंचे अखिलेश यादव ...

सोशल टाइम्स। रविवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ के दौरे पर निकले। यादव पूर्व मंत्री बलराम यादव के घर उनकी पुत्रवधु के त्रियोदशी संस्कार में भी शामिल हुए एवं दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार से संवेदना जताई। वहीं उन्होंने कहा है कि प्रदेश अपराधों की आग में झुलस रहा है। भाजपा के रामराज में ठोको पुलिस जनता की रक्षा के बजाय फर्जी केस बनाने और फर्जी एनकाउंटर करने में लगी रहती है। इसका फायदा उठाकर अपराधी बेखौफ हत्या, लूट, अपहरण और दुष्कर्म की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। मुख्यमंत्री जी अपने जुमलों में रोज अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की बातें करते रहते हैं पर कोई उनको सुनता नहीं है। भाजपा सरकार में मंत्री से लेकर अधिकारी तक सब अपनी मनमानी कर रहे हैं किसी का किसी पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है।

अखिलेश ने कहा की खुद मुख्यमंत्री जी की निरंतर मौजूदगी में भी गोरखपुर अपराधियों का अड्डा बन गया है। मुख्यमंत्री जी आए दिन गोरखपुर जाते रहते हैं लेकिन अपराध नियंत्रण करने में बेबस नज़र आते हैं। अभी उनवल के नाले में युवती की लाश मिली। गुलरिया में बच्चों का शव मिला। महिला की चेन व पर्स चोरी हो गया। जब जिला ही नहीं सम्हल रहा है तो देश का सबसे बड़ा प्रदेश कैसे सम्हल पाएगा? उन्होंने कहा कि भाजपा राज में साधु संतों की जिंदगी भी खतरे में है। उन पर जानलेवा हमलों की सूची लम्बी हैं विगत 4 सालों में 42 साधु संतों की हत्या हो चुकी है। किसी को गोली मारी गई तो किसी की संदिग्ध स्थितियों में मौत हुई। अभी तक किसी को न्याय नहीं मिल पाया है। सहारनपुर में सत्ता संरक्षित दबंगों ने दम्पत्ति को जिंदा फूंक दिया। कानपुर में दुष्कर्म के बाद युवती को 10वीं मंजिल से फेंक दिया गया। बुलन्दशहर में किशोरी से दुष्कर्म हुआ। गोण्डा में एक दिन में दो विवाहिताओं की दिल दहलाने वाली हत्यायें हो गई। अलीगढ़ में अपहरण की घटना हुई। यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जबसे भाजपा सरकार आई है अपराधियों का भाग्य निर्णय भी जाति-धर्म देखकर किया जाने लगा है। नफरत और समाज को बांटने वाली आरएसएस-भाजपा की रीति-नीति में न्याय की तुला से भी छेड़छाड़ शर्मनाक है। प्रदेश को भाजपा ने अपनी कुनीतियों से बर्बाद किया है। अब मंत्रिमण्डल में बदलाव करने से भी भाजपा को कुछ हासिल नहीं होगा क्योंकि चेहरे बदलने की कवायद के बाद भी सरकार तो भाजपा की ही रहेगी। जनता भाजपा सरकार से ऊब गयी है और वह अब उसे सत्ता से बेदखल करने का अंतिम निर्णय कर चुकी है।