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कोर्ट का यूपी सरकार को झटका, कहा 48 घंटे में शिकायत प्रकोष्ठ बनाया जाए



प्रयागराज। हाईकोर्ट ने दिया एतिहासिक आदेश। उत्तर प्रदेश सरकार को दिया झटका। यूपी में कोविड के बढ़ते मामलों पर कोर्ट ने आदेश दिया।


कोर्ट ने कहा कि -


प्रत्येक जिले में शिकायत प्रकोष्ठ का गठन करे सरकार।

हर जिल में जज की अध्यक्षता में प्रकोष्ठ बनाया जाए। शिकायत प्रकोष्ठ में डॉक्टर, प्रशासनिक अधिकारी रहेंगे। तहसली स्तर पर शिकायत एसडीएम देखेंगे। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि 48 घंटे के भीतर शिकायत प्रकोष्ठ बनाये सरकार।


कोर्ट ने कहा कि कोविड संबंधित कोई भी शिकायत हो उसकी सुनवाई होगी। कोविड कूप्रबंधन सुधारने के दिशा में कोर्ट की यह पहल है। अपने12 पेज के आदेश में कोर्ट ने हर बिंदू को छुआ व सरकार को 26 बिंदुओं के आदेश जारी किए गए।


हाइकोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट मांगी


हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से ऑक्सजीन की कमी,टेस्ट की कमी पर पूरी रिपोर्ट मांगी है। कोविड कूप्रबंधन को लेकर हाईकोर्ट नाराज है।


मेरठ में हुई मौतों पर डीएम को फटकार लगी


हाइकोर्ट ने मेरठ में हुई मौतों पर डीएम को फटकार लगाई। मेरठ के डीएम से जवाब तलब किया गया।


सन हॉस्पिटल पर कार्रवाई पर रोक


राजधानी लखनऊ के सन हॉस्पिटल पर हुई कार्रवाई पर कोर्ट ने रोक लगा दी। कहा कि प्रशासन ने धमका कर FIR कराई थी।


इन जिलों से कोविड की तैयारी की रिपोर्ट मांगी


कोर्ट ने बहराइच, बाराबंकी, बिजनौर, जौनपुर व श्रावस्ती जनपद से रिपोर्ट तलब की।


यूपी सरकार को जमकर फटकारा

कोर्ट ने सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए एल-2,एल-3 अस्पतालों की खराब व्यवस्था पर नाराजगी जतायी।


वैक्सीनेशन पर क्या तैयारी


हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा कि दिव्यांगजनों के वैक्सीनेशन पर आपकी क्या तैयारी है।

केंद्र और राज्य सरकार से जवाब किया तलब


कोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया। इसके अलावा हाइकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग पर भी नाराज़गी जतायी है।


बता दें कि इलाहाबाद हाइकोर्ट में अगली सुनवाई 17 मई को होगा व सुनवाई से पहले कोर्ट ने सभी आदेशो का पालन करने के लिए कहा है।