• संवाददाता

अटेवा ने किया राकेश टिकैत व अखिलेश यादव के बयान का स्वागत


लखनऊ, सोशल टाइम्स। पुरानी पेंशन का आन्दोलन शिक्षको कर्मचारियो के लिए जीवन मरण का प्रश्न बन गया है। इसकी पुनः बहाली के लिए लगातार आँल टीचर इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा ) अपना अभियान छेड रखा है। अटेवा चला जनप्रतिनिधियो के द्धार का असर भी दिखाई पड़ने लगा है। मुजफफरनगर के किसान महापंचायत मे राकेश टिकैत ने जहा पुरानी पेंशन की बहाली का समर्थन किया वही निजीकरण के विरोध मे हुंकार भरी । तो दूसरी तरफ भदोही मे शिक्षक सम्मेलन मे बोलते हुए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार बनते ही शिक्षको कर्मचारियो के लिए पुरानी पेंशन बहाल की जायेगी। इसका मतलब है कि आगामी उ० प्र० के विधानसभा चुनाव मे पुरानी पेंशन का मुद्दा अहम होगा। और पुरानी पेंशन की बहाली अब जन आन्दोलन का रूप धारण करता जा रहा है ।

एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अटेवा-पेंशन बचाओ मंच,उ0प्र0 के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव द्वारा भदोही में शिक्षक सम्मेलन के कार्यक्रम में पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा किये जाने व किसान नेता राकेश टिकैत के समर्थन करने का स्वागत करते हुए कहा कि सपा मुखिया द्वारा घोषणा किया जाना यह साबित करता है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में शिक्षकों, कर्मचारियों व अधिकारियों की पुरानी पेंशन बहाली एक अहम मुद्दा होगा। प्रदेश महामंत्री डॉ0नीरजपति त्रिपाठी ने श्री अखिलेश यादव जी की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि अटेवा के चला जनप्रतिनिधियो के द्वार कार्यक्रम का व्यापक असर पड रहा है । अटेवा के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ0राजेश कुमार ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन बुढ़ापे की लाठी है। शिक्षक ,कर्मचारी 30 से 35 वर्ष सरकार की सभी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करता है और रिटायर होने के बाद वह पेंशन से वंचित रह जाता है यह अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उ0प्र0 के 13 लाख कर्मचारी, शिक्षक व अधिकारी पुरानी पेंशन से वंचित है। अगर सपा सरकार बनने पर पुरानी पेंशन बहाल करती है तो यह फैसला सरकारी शिक्षकों व कर्मचारियों के लिये एक मील का पत्थर साबित होगा।