• संवाददाता

बाबा केदारनाथ की डोली अपने धाम के लिए रवाना, 17 मई को खुलेंगे कपाट



देहरादून। भगवान केदारनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली शुक्रवार को ऊखीमठ में पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर परिसर से अपने धाम के लिए रवाना हुई। इस दौरान डोली के धाम पहुंचने के साथ ही धारा 144 स्वत: समाप्त हो जाएगी।


28 लोगो का दल जा रहा है साथ


डोली के साथ 28 लोगों का दल धाम जा रहा है। इसी तरह मां गंगा की डोली यात्रा उत्तरकाशी में मुखबा से शुक्रवार पूर्वाह्न 11:45 बजे भैरोंघाटी के लिए रवाना हो गई है। 15 मई को सुबह 7.30 बजे गंगोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे।


द्वितीय केदार मध्यमेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि घोषित कर दी गयी हैं। पचांग गणना के अनुसार मध्यमेश्वर धाम के कपाट 24 मई को प्रात 11 बजे और तुंगनाथ के कपाट 17 मई को दोपहर 12 बजे खोले जाएंगे।


डोली के पंहुचने तक धारा 144 लागू


कोरोना संक्रमण के चलते पैदा हुई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 13 मई की शाम 5 बजे से 15 मई तक डोली के धाम पहुंचने तक धारा 144 लागू की है। उप जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि ओंकारेश्वर मंदिर में होने वाली भैरवनाथ पूजा के दौरान 20 मीटर के दायरे में अन्य लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।


साथ ही बाबा केदार की डोली के अपने धाम केदारनाथ प्रस्थान के दौरान सीमित लोगों के अलावा अन्य के प्रवेश पर 50 मीटर के दायरे में प्रतिबंध है।


प्रशासन द्वारा देवस्थानम बोर्ड के 14 अधिकारी/कर्मचारी व 14 हक-हकूकधारियों को अनुमति दी गई है।

भारत व राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के तहत सभी धार्मिक गतिविधियों का संपादन किया जाएगा। बताया कि धार्मिक आस्था के साथ कोरोना से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं।


20 कर्मचारी रोटेशन में देंगे ड्यूटी


देवस्थानम बोर्ड के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी ने बताया कि कपाटोद्घाटन के बाद पूरे यात्राकाल में 20-20 कर्मचारी केदारनाथ में रोटेशन के तहत ड्यूटी देंगे। बताया कि कोरोना के चलते यात्रा स्थगित होने के कारण धाम में प्रतिदिन इन कर्मियों के द्वारा पूजा-अर्चना की व्यवस्था की जाएगी।