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राजधानी में बेड की भारी किल्लत, निजी अस्पताल कर रहें लापरवाही



लखनऊ। जहाँ एक तरफ राजधानी में बेडो की भारी किल्लत हो रही है तो वहीं निजी अस्पताल खाली और भरे बेड का रोजाना डीएसओ पोर्टल पर ब्यौरा अपलोड करने में लापरवाही कर रहे हैं। सहारा, टीएस मिश्रा, प्रसाद मेडिकल कॉलेज व लखनऊ हॉस्पिटल में यह गड़बड़ी सामने आई है।


पांच दिन से नही अपलोड किया गया ब्यौरा


जांच में पता चला कि इन अस्पतालो ने गत चार-पांच दिनों से ब्यौरा अपलोड नहीं किया। मामले सामने आते ही प्रभारी अधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने इन्हें नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि अब बेडों का ब्यौरा न अपलोड करने वाले या इसमें लापरवाही करने वाले अस्पतालों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। यही नहीं पोर्टल पर खाली बेड दिखाने के बाद मरीज भर्ती करने में लापरवाही पर भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

विवरण न देने वालो को भेज जाएगा नोटिस


प्रभारी अधिकारी ने इंटीग्रेटेड कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में बैठक के दौरान कहा कि सभी अस्पताल डीएसओ पोर्टल पर रोजाना सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे बेड की स्थिति स्पष्ट करें। पोर्टल पर दर्ज बेड की स्थिति के आधार पर ही अस्पतालों को ऑक्सीजन आवंटित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कमांड सेंटर से रेफर मरीज को एक घंटे के अंदर अस्पतालों को संज्ञान में लेना होगा। जिन अस्पतालों ने अभी तक पोर्टल पर लॉगइन नहीं किया है उन्हें जिला प्रशासन कोविड की श्रेणी से हटाने पर विचार करे, वहीं रोजाना पोर्टल पर विवरण ने देने वालों को नोटिस दिया जाए। प्रभारी अधिकारी ने बताया कि कोरोना के मरीजों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कमांड सेंटर में तीन शिफ्टों में डॉक्टरों व प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। होम आइसोलेशन के मरीजों के फॉलोअप, दवा वितरण व चिकित्सकीय परामर्श के लिए सीएचसी पर शिक्षकों व डॉक्टरों की विंग बनी है। मरीज के पॉजिटिव आने के बाद सीएचसी की शिक्षक व डॉक्टर की विंग मरीजों से बात करती है। उन्हें यदि अस्पताल की आवश्यकता होती है तो उनकी सूची कमांड सेंटर भेजती है। इसके बाद कमांड सेंटर गंभीरता का आंकलन कर अस्पताल आवंटित करता है। प्रभारी अधिकारी ने कहा कि सीएचसी से आने वाले जिस केस में अस्पताल की जरूरत हो उसका उसी दिन फॉलोअप लिया जाए। कमांड सेंटर के डॉक्टर रोजाना शिक्षकों द्वारा कॉल किए गए केसों से बात कर क्रॉस वेरिफिकेशन करें।


घबराने की ज़रूरत नही

प्रभारी अधिकारी ने बताया कि गत 6, 7 व 8 मई को जिला प्रशासन और कमांड सेंटर के सहयोग से क्रमश: 147, 163 और 136 यानी कुल 446 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उन्होंने जिले के लोगों को आश्वस्त किया है कि बेड की कोई कमी नहीं है। ऑक्सीजन भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कमांड सेंटर से लगातार मरीजों को भर्ती कराया जा रहा है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है।