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भाजपा को चुनाव आचार संहिता एवं चुनाव आयोग की कोई परवाह नहीं: मोना

चुनाव आयोग से की प्रकरण को गंभीरता से लेने की मांग

लखनऊ, सोशल टाइम्स। कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने लाभार्थियों के दरवाजे-दरवाजे पर अपने चुनाव चिन्ह का स्टीकर लगाना साबित करता है कि चुनाव आचार संहिता एवं चुनाव आयोग की कोई परवाह नहीं है। अन्य एजेंसियों की तरह चुनाव आयोग को भी अपना एक फ्रंटल संगठन समझने की भूल कर रहा है।

सोमवार को मोना ने कहा कि भाजपा द्वारा यह कृत्य निश्चित रूप से लोकतंत्र की हत्या व आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। चुनाव आयोग से इस प्रकरण को गंभीरता से लेने की मांग की है। जिस तरह से प्रयागराज में भाजपा सदस्यों द्वारा घर-घर जाकर केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा लाभ पाये लोगों के घरों पर बिना उनकी सहमति के स्टीकर लगाये जा रहें हैं यह नियमों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग इतने गंभीर प्रकरण पर यदि कार्यवाही नहीं करता है तो माना जाएगा कि परोक्ष रूप से चुनाव आयोग भाजपा की मदद कर रहा है। उसकी निष्पक्षता संदेह के घेरे में है। कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा दिये गये सामानों पर फोटो लगाया गया हो। यहां तो वैक्सीनेशन से भी प्रचार किया गया। सरकार द्वारा जो भी चीजें जनता को मुहैया करायी जाती हैं वह जनता पर एहसान नहीं होता बल्कि सरकारें अपना कर्तव्य पूरा करतीं हैं। चुनी सरकार का कर्तव्य होता है कि जनता के द्वारा दिये गये टैक्स का सही सदुपयोग समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। मोना ने कहा कि यदि सरकार द्वारा यह कहा जाये कि जनता को सुविधा मुहैया कराकर हमनें उपलब्धि की है तो इस बात की भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि साढे़ तेरह करोड़ लोग इस सरकार में गरीबी रेखा के नीचे आ गये, नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेष में 37.79 प्रतिषत गरीब हो गये। बेरोजगारी अपने पैतालिस साल के सबसे उच्चतम स्तर पर है। अपराध, महिला अपराध चरमोत्कर्ष पर पहुंच चुका है।