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फिल्म प्रोडक्शन हाउस के मालिक को पीटने का मामला, केंद्रीय मंत्री के फोन पर दर्ज हुआ मुकदमा

लखनऊ। फिल्म प्रोडक्शन हाउस के मालिक सुबोध बाजपेई ने आरोप लगाया कि हजरतगंज की हलवासिया मार्केट में 30 मई को उन्हें और उनके चालक को कुछ लोगों ने गन पॉइंट पर लेकर बुरी तरह से पीटा था। सुबोध के मुताबिक, पुलिस के आला अफसरों से शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो उसने दिल्ली जाकर एक केंद्रीय मंत्री से अपनी पीड़ा बयां की। केंद्रीय मंत्री ने पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर को फोन करके कार्रवाई के लिए कहा। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर रविवार रात हजरतगंज पुलिस ने सुबोध की तहरीर पर राहुल गर्ग, जैन अंसारी उर्फ सद्दन अंसारी, इमरान, कृष्णा सिंह और अश्वनी मिश्र समेत सात अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। हजरतगंज इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ल ने बताया कि शहीद पथ के किनारे स्थित इंद्रश्त रेजीडेंसी निवासी सुबोध बाजपेई ने तहरीर देकर बताया था कि वह हलवासिया में फिल्म प्रोडक्शन हाउस चलाते थे। साल 2020 में कोरोना के चलते ऑफिस बंद कर दिल्ली चले गए थे। इस दौरान दुकान की मालिक दीपशिखा यादव और उनकी बेटी असावारी से कह गए थे कि तीन माह बाद लौटकर काम शुरू करेंगे। तीन माह बाद लौटे तो दुकान पर मालिक ने अपना ताला लगा दिया था। बातचीत में बिजली बिल और मेंटेनेंस शुल्क बकाया होने की बात कही गई। सुबोध के अनुसार, इसके कई महीने बाद 30 मई को उसे उसके ऑफिस में राहुल गर्ग ने बातचीत करने के लिए बुलाया। शाम करीब 5.30 बजे सुबोध अपने चालक और सहायक कर्मी के साथ वहां पहुंचे थे। आरोप है कि बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर उनके चालक को गन पॉइंट पर रोक लिया गया। इसके बाद सुबोध को गन पॉइंट पर ऑफिस के अंदर ले जाकर राहुल गर्ग, जैन अंसारी उर्फ सद्दन अंसारी, कृष्णा सिंह और अश्वनी मिश्र समेत सात लोगों ने जमकर पीटा व इसके बाद गर्दन पर पिस्तौल रखकर दोबारा ऑफिस आने पर जान से मारने की धमकी दी। सुबोध का कहना है कि हलवासिया में पिटाई के दौरान आरोपियों ने खुद को मुख्तार अंसारी का गुर्गा बताया।