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मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए जिलाधिकारियों को आदेश


लखनऊ ( एजेंसी) प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार मंत्रिगण सप्ताह के अंतिम तीन दिन जनपदों का भ्रमण करेंगे। इस संबंध में 18 मंत्री समूह गठित किए गए हैं। यह 18 समूह 18 मंडलों का भ्रमण करेंगे। भ्रमण के दौरान मंत्रीगण जन चौपाल लगायेंगे तथा जनता से सीधा संवाद भी करेंगे। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया जायेगा। इसलिए समस्त जिलाधिकारी संक्षेप में विकासपरक योजनाओं का एक प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण तैयार कर लें।          

मुख्य सचिव वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के क्षेत्र में रहने पर नागरिकों की समस्यायें तत्काल उन तक पहुंचेगी तथा समस्याओं का त्वरित निस्तारण भी हो जायेगा। जिन अधिकारियों के पास सरकारी आवास नहीं है, वे ऐसी स्थिति में किराये पर कमरा लेकर तैनाती स्थल पर ही रहें। यह भी पूरा प्रयास किया जाय कि जन शिकायतों का स्थानीय स्तर पर ही निपटारा हो जाये, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से इधर-उधर भटकना न पड़े। इसके अतिरिक्त अधिकारी फील्ड विजिट कर विकास कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण अवश्य करें।            

मुख्य सचिव ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में अधिकारी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करें। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यालयों में समय पर उपस्थित रहें। कार्यालय की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में अप्रिय घटना घटित होने पर अधिकारी घटना स्थल पर अवश्य जायें। पेट्रोल पंपों में घटतौली की शिकायतें प्राप्त होने पर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाये।            

मुख्य सचिव ने कहा कि माफियाओं एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई निरन्तर जारी रहनी चाहिये। अपराधियों के विरूद्ध मा0 न्यायालयो में योजित वादों की प्रभावी पैरवी कराकर सजा दिलायी जाये। अभियान चलाकर सभी थाना परिसर को सुन्दर बनाया जाये। अग्निकाण्ड की घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाये और प्रत्येक तहसील में एक अग्नि शमन केन्द्र क्रियाशील होना चाहिये।          

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन जनपदों में नये थाने बनाने की आवश्यकता है, उन जनपदों द्वारा प्रस्ताव गृह विभाग को उपलब्ध करा दिया जाये। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिये अवैध टैक्सी व बस स्टैण्ड के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें तेजी लाते हुये शहरों को अवैध टैक्सी व बस स्टेशन से मुक्त कराते हुये इस आशय का प्रमाण पत्र 30 अप्रैल तक गृह विभाग को उपलब्ध करा दिया जाये। इसी तरह हर जनपद में ध्वनि प्रदूषण रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाये जायें। धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर का उपयोग निर्धारित डेसीबल पर ही हो यह भी सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि स्कूल बसों की मानकों की जांच के लिए अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट 28 अप्रैल तक परिवहन विभाग को उपलब्ध करा दी जाये।          

मुख्य सचिव ने कहा कि एन0सी0आर0 के जनपदों में कोविड के प्रकरण बढ़ रहे हैं। इसलिये सतर्क व सावधान रहने की आवश्यकता है। कोविड-19 से बचाव व उपचार की व्यवस्था को प्रभावी बनाये रखा जाये तथा कोविड टेस्टिंग भी बढ़ायी जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मलेरिया और कालाजार रोग रोग समाप्ति की ओर है। इसी प्रकार सभी के सहयोग से प्रदेश को वर्ष 2025 तक टी0बी0 से मुक्त कराना है। इसके लिये टेस्टिंग की संख्या बढ़ायी जाये, ताकि रोगियों की जल्द पहचान कर उपचार प्रारंभ किया जा सके।          

मुख्य सचिव ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में कम से कम 75 स्थलों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जाना है। इसके स्थल चयन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करा ली जाये। शहरी क्षेत्रों के तालाबों को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर उनको अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जाये। चिन्हित स्थलों की जियो टैगिंग, सौन्दर्यीकरण व वृक्षारापेण का कार्य कराया जाये। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु से पूर्व नगरीय निकायों में सभी नालों की सफाई तथा जल निकासी की समस्या का समाधान 31 मई तक अवश्य कर लिया जाये। अक्टूबर अथवा नवम्बर में नगर निकायों के चुनाव प्रस्तावित हैं। नये नगर निकायों व जिन नगर निकायों का सीमा विस्तार किया गया है, उनके परसीमन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर ली जाये।          

मुख्य सचिव ने कहा कि बाढ़ से निपटने के लिए सभी जिलाधिकारी स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक 30 अप्रैल तक कर नदियों की ड्रेजिंग से निकली सिल्ट की नीलामी में पूर्ण पारदर्शिता से 15 जून तक करा ली जाये। बाढ़ बचाव के लिए 15 जून तक जिला प्रशासन/विभाग द्वारा क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा समितियों का गठन किया जाए। वर्तमान में बाढ़ नियंत्रण से संबंधित 225 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिनका समय-समय पर निरीक्षण कर कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराया जाये।          

मुख्य सचिव ने कहा कि पी0एम0 स्वनिधि योजना में अच्छा कार्य करने वाले प्रथम तीन जनपदों, नगर निगम व नगर पालिका परिषद को पुरस्कृत किया जायेगा। आगामी 28 व 29 अप्रैल को मेगा कैम्प का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अधिक से अधिक आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत प्रथम, द्वितीय अथवा तृतीय किश्त लम्बित हैं, उनका शीघ्र भुगतान कराया जाये। इस कार्य में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाये।          

मुख्य सचिव ने कहा कि स्वामित्व योजना भारत सरकार की अत्यन्त महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के पूर्ण होने से गांवों में कई तरह के भूमि सम्बन्धित विवाद खत्म हो जायेंगे और गावों में शांति व्यवस्था कायम रखने में मदद मिलेगी। प्रथम चरण में अधिसूचित ग्रामों का कार्य अक्टूबर, 2023 तक पूर्ण होना है। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में माइक्रो प्लान तैयार कराकर उसकी नियमित समीक्षा कर स्वामित्व योजना के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।          

बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव नगर विकास डॉ0 रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह, प्रमुख सचिव दुग्ध विकास सुधीर गर्ग, प्रमुख सचिव सिंचाई अनिल गर्ग, प्रमुख सचिव खेल-कूद कल्पना अवस्थी, सचिव बेसिक शिक्षा अनामिका सिंह, राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।