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यूपी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग को दिए सुझाव

बड़ी रैलियों पर रोक लगायी जानी चाहिए: आराधना

लखनऊ, सोशल टाइम्स। उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपने सुझाव प्रेषित किये हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना, पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी, पूर्व सांसद पीएल पुनिया एवं पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के संयुक्त हस्ताक्षर से  भेजे गये चुनाव आयोग को सुझाव में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री/उपमुख्यमंत्री और भाजपा के नेताओं द्वारा सरकारी खर्चे पर हो रही रैलियों पर रोक लगाने एवं असंवैधानिक भाषा पर रोक लगाने की मांग की गयी है।

गुरुवार को प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस की नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि वर्तमान समय में कोविड महामारी की तीसरी लहर की आशंका है। जिसमें छोटी सभाओं, चौपाल, वर्चुअल मीटिंग और डोर टू डोर कैंपेन जैसी आयोजन किये जाने चाहिए एवं बड़ी रैलियों पर रोक लगानी जानी चाहिए। चुनाव आयोग इस बात का विशेष तौर पर संज्ञान ले कि भाजपा के नेता जिसमें प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री/उपमुख्यमंत्री विशेष तौर से शामिल हैं जो सरकारी खर्चे पर रैलियां कर रहे हैं और संवैधानिक मंचों से अलोकतांत्रिक भाषा का प्रयोग कर सत्ता का दुरुपयोग कर रहें हैं इस पर तुरन्त रोक लगनी चाहिए। मोना ने भाजपा पर वार करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू अमेठी की पीड़ित दलित किशोरी और उनके परिवार से मिलने जा रहे थे, उनको गिरफ्तार कर लिया गया। क्या पीड़ित की आवाज उठाना भाजपा सरकार में अपराध बन गया है? यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार दलितों और महिलाओं से किस कदर नफरत करती है। कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी ने अमेठी की पीड़ित बेटी से फोन पर बात की है और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।

वहीं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद पीएल पुनिया ने अमेठी की घटना पर कहा कि आरएसएस की दलित और महिला विरोधी सोच और नीतियों के चलते देश में सबसे ज्यादा दलितों और महिलाओं के साथ हिंसा और अत्याचार उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में हो रहा है। इसका सीधा कारण अपराधियों को सरकार का संरक्षण मिलना और उन्हें बचाना है। जिससे प्रदेश में दलितों के खिलाफ औसतन 34 अपराध की घटनाएं रोजाना हो रही हैं, और अपराध के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। अमेठी की पीड़ित बच्ची से कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी ने फोन पर बात की है और साथ देने का भरोसा दिया और दोषियों को सजा दिलवाने की बात कही है।

इस दौरान पूर्व राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा की आदित्यनाथ सरकार पूरे पांच साल पीड़ितों को धमकाकर, अपराधियों को बचाती रही और घटनाओं पर पर्दा डालती रही, अमेठी की घटना भी उसी का दुष्परिणाम है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की प्रशासनिक अक्षमता और झूठे दावों के चलते अपराधियों में कानून का डर खत्म हो गया। और अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए। पूर्व मंत्री/मीडिया विभाग के चेयरमैन नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि चुनावी मूड में मुख्यमंत्री जी और भाजपा के नेता पूरे प्रदेश में घूम रहे हैं, लेकिन अपराध बढ़ते जा रहे हैं। जनता ने सत्ता सौंपी थी, कि भाजपा ने वादा किया था कि प्रदेश में अपराध नियंत्रण होगा लेकिन नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े सरकार की झूठे दावों को बेनकाब करते हैं, महिला अपराधों के मामले में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है।