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कोर्ट ने सरकार से पूछा: जहरीली शराब का धंधा रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए ?


लखनऊ, सोशल टाइम्स। सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि प्रदेश में जहरीली शराब का धंधा रोकने को क्या कदम उठाए गए हैं? कोर्ट ने इस संबंध में सरकारी वकील को दो हफ्ते में सरकार से निर्देश (पूरी जानकारी) लेकर पेश करने को कहा है।


कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति रवि नाथ तिलहरी की खंडपीठ ने यह आदेश अधिवक्ता सतेंद्र कुमार सिंह की जनहित याचिका पर दिया। इसमें प्रदेश में जहरीली शराब के कारोबार का मुद्दा उठाते हुए व्यापक जनहित में इस पर सख्त अंकुश लगाने का आग्रह किया गया है।


सुनवाई के समय सरकारी वकील ने मामले में सरकार से पूरे निर्देश लेने को दो सप्ताह का वक्त दिए जाने की गुजरिश की, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। साथ ही कहा कि जानकारी महज हाल ही में अलीगढ़ में हुई जहरीली शराब की घटना संबंधी नहीं होनी चाहिए बल्कि वर्ष 2017 में एक अन्य याचिका पर दिए गए कोर्ट के आदेश को लेकर भी जानकारी दें।


इस आदेश में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि जहरीली शराब के कारोबार को रोकने के लिए समुचित कदम उठाए जाएं। अदालत ने कहा कि इस आदेश के संबंध में क्या किया गया है? इसकी भी जानकारी दी जाए। सुनवाई के समय कोर्ट को बताया गया कि बाराबंकी जिले की घटना संबंधी एक अन्य ऐसा मामला भी वर्ष 2019 से लंबित है। अदालत ने इस लंबित याचिका को मौजूदा जनहित याचिका के साथ अगली सुनवाई के लिए 19 जुलाई को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।