• संवाददाता

बरेली को प्रदेश का सबसे हरा भरा नगर बनाने के प्रयास किए जाएं: लक्ष्मी नारायण




लखनऊ (न्यूज़ ऑफ इंडिया) प्रदेश के मंत्री, गन्ना एवं चीनी मिलें एवं प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि बरेली जनपद अपनी नई विशिष्ट पहचान विकसित कर रहा है और अब यहां विकास के नए नए आयाम गढ़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस जनपद के अधिकांश जनप्रतिनिधि इतने उच्च शिक्षित हों, वहां की प्रगति का सहज ही अंदाज़ा लगाया जा सकता है।


वृक्षारोपण के संबंध में उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने वृक्ष की महिमा का विभिन्न संदर्भों में वर्णन किया है और वृक्ष हमारे धर्म का भी अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने वृक्षों को इसीलिए धर्म से जोड़ा क्योंकि वृक्ष जीवन के लिए अत्यन्त आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि बिना अन्न के कोई व्यक्ति जीवित रह सकता है लेकिन बिना हवा और ऑक्सीजन के जीवन सम्भव नहीं है और हवा और ऑक्सीजन बिना पेड़ पौधों के सम्भव नहीं हैं।

प्रभारी मंत्री ने आज वृक्षारोपण महाअभियान-2022 के अन्तर्गत कैंट ठिरिया निजावत खां संतमढ़ी पौधशाला में पौधारोपण किया। उन्होंने इस अवसर पर आयोजित वन महोत्सव को भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में सांसद संतोष कुमार गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रश्मि पटेल, महापौर डॉ. उमेश गौतम, माननीय एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, विधायक एम.पी. आर्य, विधायक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र छात्राएँ उपस्थित रहे।  


इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि वृक्ष की आयु इसीलिए सबसे अधिक होती है। कोई कोई वृक्ष सौ साल से भी अधिक पुराने हैं क्योंकि पेड़ की जड़ें भी पानी का संग्रह करती हैं। उन्होंने कहा कि वृ़क्ष लगाने से ज़्यादा आवश्यक है उन्हें संरक्षित करना। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान के अन्तर्गत बरेली में 42 लाख 71 हजार 778 पौधे लगाए जा रहे हैं, इनमें से अधिक से अधिक पौधों को जीवित रखने के उपाय अवश्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि बरेली में संसाधनों की कमी नहीं है, यह औद्योगिक नगरी है। यहाँ पौधारोपण के अभियान को शत प्रतिशत सफल बना कर बरेली को प्रदेश का सबसे हरा भरा नगर बनाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने वृक्षों महत्ता का वर्णन करते हुए कहा कि एक पीपल का पेड़ लगभग 60 हजार लोगों के लिए ऑक्सीजन देता है। उन्होंने कहा कि वृक्ष लगाना हम सबका दायित्व है और हमें अपने इस दायित्व का निर्वाहन अवश्य करना चाहिए।