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सोनू सूद पर मुकदमा दर्ज, ट्वीट पड़ा भारी


अमेठी। अपने नाना को ऑक्सीजन की जरूरत बताते हुए सोनू सूद को ट्वीट करना युवक को भारी पड़ा। ट्वीट के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य व पुलिस विभाग ने जांच शुरू की तो अनावश्यक ट्वीट करने का मामला प्रकाश में आया। फर्जी ट्वीट करने के आरोप में रामगंज पुलिस ने युवक के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस पंजीकृत किया है।


रामगंज थाने के रतापुर गांव निवासी शशांक यादव नेे 26 अप्रैल की रात में 8:00 बजे अपने ट्विटर हैंडल से अभिनेता सोनू सूद को ट्वीट किया।

शशांक ने लिखा कि अमेठी में हमारे नाना के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता है। इस ट्वीट के सोशल मीडिया पर वायरल होने के कुछ देर बाद दूसरा ट्वीट सामने आया कि नाना जी गुजर गए। इस ट्वीट को देखने व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संज्ञान लेने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य महकमा व पुलिस विभाग ने जांच की तो पूरा मामला फर्जी पाया गया। 

रामगंज थाने के रतापुर गांव निवासी शशांक यादव नेे 26 अप्रैल की रात में 8:00 बजे अपने ट्विटर हैंडल से अभिनेता सोनू सूद को ट्वीट किया। शशांक ने लिखा कि अमेठी में हमारे नाना के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता है। इस ट्वीट के सोशल मीडिया पर वायरल होने के कुछ देर बाद दूसरा ट्वीट सामने आया कि नाना जी गुजर गए। इस ट्वीट को देखने व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संज्ञान लेने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य महकमा व पुलिस विभाग ने जांच की तो पूरा मामला फर्जी पाया गया। 


युवक का ट्वीट फर्जी मिलने के बाद रामगंज पुलिस ने युवक के खिलाफ धारा 188, 269, 505, 03 महामारी अधिनियम और आपदा अधिनियम की धारा 54 के तहत मुकदमा दर्ज कर युवक को नोटिस तामील कराई। एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि ट्वीट के बाद हमने और सीएमओ साहब ने कई बार शशांक से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन फोन बंद था। हमें  लगा कि मुश्किल की घड़ी में फोन किसी वजह से बंद हो गया होगा। लिहाजा पुलिस ने मोबाइल की लास्ट लोकेशन को ट्रेस किया और शशांक के घर पहुंची तो वह सोता हुआ मिला। 


पूछताछ के दौरान उसने बताया कि बुजुर्ग दूर के रिश्ते में शशांक के नाना लगते थे। वे 88 साल के थे और बीमार थे। हालांकि उन्हें न तो  कोरोना था और न ही ऑक्सीजन के लिए कोई चिकित्सीय परामर्श ही डॉक्टर द्वारा दी गई थी। एसपी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से मदद मांग सकता है। उसके लिए हम हमेशा तैयार हैं। लेकिन इस आपदा के समय में अमेठी के लोगों से अपील है कि वे भ्रामक जानकारी न फैलाएं। क्योंकि झूठी डिमांड से कोरोना वॉरियर्स परेशान होंगे और जिन्हें वास्तव में जरूरत है उनकी मदद नहीं हो सकेगी।