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जेल में बंद पत्रकारों से मिलेगा जर्नलिस्ट क्लब का प्रतिनिधि मंडल


आजमगढ़ (न्यूज़ ऑफ इंडिया एजेंसी)। बलिया में तीन पत्रकारों को नकल कराने और पेपर लीक की ख़बर लिखने पर जेल भेज दिया गया। जिसकी ख़बर सुनते ही पूर्वांचल में पत्रकारों और जनसरोकारी लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। इसी क्रम में पूर्वांचल के पत्रकारीय हितों के लिए संघर्ष करने वाली अग्रणीय संगठन 'जर्नलिस्ट क्लब' ने पूरे प्रकरण को संज्ञान में लिया और एक आपात बैठक आजमगढ़ स्थित कार्यालय में की। बैठक में बलिया के पत्रकारों के साथ हुए दुर्भावनापूर्ण उत्पीड़न और जेल भेजने की घटना की निन्दा करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए ख़तरा बताया।

बैठक में देश के वरिष्ठ पत्रकार और प्रेस कांउसिल आफ इंडिया के सदस्य जयशंकर गुप्त ने दूरभाष पर अपने विचार रखते हुए कहा कि नकल माफिया और प्रशासन की कलई खोलने वाले पत्रकारों को इनाम देने की बजाय उन्हें जेल भेजना, लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आज़ादी को खत्म करने का कुत्सित प्रयास है। पत्रकारों से कोई समाचार का स्रोत बताने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है. वह चाहे न्यायालय ही क्यों न हो। समाचार का स्रोत न बताने पर जिन तीन पत्रकारों अजित ओझा, दिग्विजय सिंह और मनोज गुप्ता को जेल भेजा गया, वह सच को दबाने का प्रयास है।

जर्नलिस्ट क्लब के संयोजक डा०अरविंद सिंह ने कहा कि यह नौकरशाही की बढ़ती तानाशाही और निरंकुशता का पराकाष्ठा है। पत्रकार दिग्विजय सिंह ने बलिया डीएम एसपी की पोल खोल दी, जिससे अपने को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने तीनों पत्रकारों को भी टारगेट कर दिया। जबकि बलिया सहित पूर्वांचल में नकल माफिया सक्रिय हैं। योगी सरकार इस मामले की निष्पक्षता से जांच करे और पत्रकारों के उत्पीड़न को रोके

इस बैठक में तीन प्रमुख प्रस्ताव रखे गयें। इस मुद्दे को प्रेस काउंसिल आफ इंडिया तक पहुंचाया जाए। जेल में बंद पत्रकारों से पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमण्डल मिलकर घटना की सच्चाई जानते हुए रिपोर्ट तैयार करे तथा पूरे मुद्दे को कमिश्नर आजमगढ़ के माध्यम से राज्यपाल तक पहुँचाए।

जर्नलिस्ट क्लब के अध्यक्ष पंडित आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि यह पत्रकारों के विरुद्ध एक साजिश है। जर्नलिस्ट क्लब पत्रकारों के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं कर सकता है.हम पत्रकारों की लड़ाई को प्रेस काउंसिल तक ले जाएंगे। यह घटना आजमगढ़ मंडल के बलिया जिले पत्रकारों के साथ हुई है. हम हर स्तर पर अपनी आवाज को मुखर करेंगे।

कार्यक्रम को वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार दत्ता, पत्रकार विनोद सिंह, वेदप्रकाश सिंह लल्ला, रमाकांत पांडेय, राजीव श्रीवास्तव, डीसी श्रीवास्तव, राम सिंह गुड्डू आदि लोगों ने भी संबोधित किया।

पत्रकारीय दल में वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष द्विवेदी, डा० अरविंद सिंह, एसके दत्ता, विनोद सिंह, राजीव श्रीवास्तव तथा वेद प्रकाश लल्ला को रखा गया है। जो घटना की जांच करेंगे और जेल में निरूद्ध पत्रकारों से मिलेंगे। इस अवसर पर सौरभ उपाध्याय, प्रशांत राय, राजीव रंजन, आदित्य, देवेंद्र मिश्र, राजेश पाठक, चमन अस्थाना, प्रमोद यादव, विनीत सिंह, महेंद्र राज, शरद गुप्ता तथा समरता विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जाहिद उर्फ आजाद नेता उपस्थित रहे। उन्होंने ने इस घटना पर पत्रकारों की लड़ाई में साथ देने का वायदा किया।