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मनमोहन सिंह ने कहा था कि नोटबंदी बहुत बड़ा स्कैम है: दिग्विजय

दिग्विजय सिंह ने की युवा बेरोजगारी के मुद्दे पर बुकलेट जारी

लखनऊ, सोशल टाइम्स। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि डॉ मनमोहन सिंह ने कहा था कि नोटबंदी बहुत बड़ा स्कैम है इससे जीडीपी में 2 प्रतिशत गिरावट आएगी, यह वाकई बड़ा स्कैम था। ऐसे कई प्रमाण सामने आए। उन्होंने युवा बेरोजगारी के मुद्दे पर बुकलेट जारी करते हुए कहा कि यूपी में सभी सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ रही है। इसके लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी को बधाई। भारतीय जनता पार्टी गुजरात के पूर्व विधायक डॉ यतीन्द्र ओझा ने पत्र लिखकर पीएम मोदी को कहा था कि अमित शाह के कई लोग एक करोड़ पुराने नोट लेकर साढ़े 67 लाख तक के नोट वापस कर रहे हैं।  

सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान सिंह ने कहा कि बेरोज़गारी देश के युवा की सबसे बड़ी बेजारी है। गुण है, क्षमता है, उमंग है, जच्चा है, शिक्षा है, पर रोजगार नहीं। दिसंबर 2021-1 जनवरी, 2022 को बेरोजगारी दर बढ़कर 7.9ः हो गई। यहां तक कि शहरों में बेरोजगारी दर 10ः का आंकड़ा पार कर गई। कोरोना काल से पहले ही साल 2017-18 में बेरोजगारी दर बढ़कर 6.1ः हो गई थी. जो साल 2019 एनएसएसओ की रिपोर्ट के मुताबिक 45 साल में सबसे अधिक थी। चिंता की बात यह है कि 20-29 साल के युवा लोगों में बेरोजगारी की दर 28ः है। युवा जितना ज्यादा पढ़ा-लिखा है, उतना ज्यादा बेरोजगार है। युवाओं की बेरोजगारी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के प्रति बेरुखी का आलम यह है कि अकेले केंद्र सरकार में 30 लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं और लगभग 30 लाख सरकारी पद राज्यों में भी खाली हैं। युवा धक्के खा रहा है और सरकारी खाली पद भी ना भरकर पैसा बचा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत में कुल वर्किंग एज पॉपुलेशन लगभग 108 करोड़ है, पर करने को काम नहीं। भाजपा शासित राज्यों में तो ये हालात और बुरे हैं।

दिग्विजय ने कहा कि एक तरफ तो मोदी सरकार यूनिवर्सिटीज व उच्च शिक्षण संस्थानों की अनाप-शनाप फीस बढ़ा रही है और विरोध करने पर छात्रों पर लाठिया व अश्रु गैस चला रही है तो दूसरी ओर एजुकेशन सेस का पैसा ही इस्तेमाल नहीं किया। मोदी सरकार ने साल 2014-15 से साल 2018-19 के बीच सेकंडरी व हायर एजुकेशन सेस का ₹49,101 करोड़ इस्तेमाल ही नहीं किया। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की आलोचना की आवाज को दबाने के लिए उनके विरोध को कुचलने के लिए मोदी सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी। आज कॉलेज से यूनिवर्सिटीज़ तक चारों ओर भय, उत्पीड़न, दमन व दबाव का माहौल है। सिंह ने कहा कि शिक्षा नीति 2020 का मुख्य केंद्र ऑनलाईन शिक्षा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की मानसिकता ही महिला विरोधी है। सवाल पूछने का समय आ गया है कि देश के नीति-निर्माण में महिलाएं कहां हैं? राजनीति में पुरुषों का वर्चस्व क्यों और महिलाएं क्यों नदारद हैं? उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान के निर्भया फंड में आज तक ₹6,213 करोड़ का बजट आवंटित किया गया, पर मोदी सरकार द्वारा मात्र ₹4,139 करोड़ ही जारी किए गए। इससे भी दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि मात्र ₹2,992 करोड़ ही खर्च किए गए, यानि 52 प्रतिशत बजट न आवंटित हुआ, न खर्च हुआ। दिग्विजय ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का मोदी सरकार ने जोर-शोर से ढिंढोरा तो पीटा पर इसका लाभ नहीं मिला। एक तरफ तो इसका बजट काट दिया और जो पैसा दिया, उसका 78.91 प्रतिशत मोदी जी के विज्ञापनों पर खर्च कर दिया। आवंटित बजट का कुल पैसा रिलीज नहीं किया गया।