• संवाददाता

मीडिया समाज का वास्तविक दर्पण होता है: शशांक श्रीवास्तव

घटनाओं की मात्र साधारण रिपोर्ट देना ही पर्याप्त नहीं है...

कानपुर, सोशल टाइम्स। स्वतंत्र मीडिया परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशांक श्रीवास्तव ने समाज में पत्रकारों की अहम भूमिका के बारे में बात करते हुए कहा कि मीडिया समाज का वास्तविक दर्पण होता है। मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में विकास तथा गवर्नेंस का क्षेत्र हाल ही में एक नया उदाहरण बना है, जिसका मुख्य आधार नई नीतिगत व्यवस्था, परिवर्तित व्यवसाय परिवेश और सार्वभौमिकरण है। इन समसामयिक स्थितियों के कारण पत्रकारिता की प्रासंगिकता व्यापक रूप से बढ़ गई है। पत्रकारिता के बढ़ रहे महत्व को देखते हुए, कई मीडिया संस्थाएं शैक्षिक संस्थाएं और इलेक्ट्रॉनिक चैनल स्थापित किए गए हैं। मीडिया समाज तथा शासन का वास्तविक दर्पण बन गया है और जन-साधारण की समस्याओं उनकी मांगो को उठाने तथा उन्हें न्याय दिलाने का एक प्रभावी साधन (प्लेट फार्म) बन गया है। श्रीवास्तव ने कहा कि बदलते परिवेश में प्रायः प्रत्येक करियर की संभावनाओं में आमूल परिवर्तन कर दिया है। पत्रकारिता में करियर एक प्रतिष्ठित व्यवसाय है और कुछ मामलों में एक उच्च वेतन देने वाला व्यवसाय है, जो युवाओं की बडी़ संख्या को आकर्षित कर रहा है। किसी भी राष्ट्र के विकास में पत्रकारिता एक अहम भूमिका निभाती है पत्रकारिता ही वह साधन है, जिसके माध्यम से हमें समाज की दैनिक घटनाओं के बारे में सूचना प्राप्त होती है। वास्तव में पत्रकारिता का उद्देश्य जनता को सूचना देना, समझाना, शिक्षा देना और उन्हें प्रबुद्ध करना है पत्रकारों के लिए अवसर अनंत है। किंतु साथ ही साथ किसी भी पत्रकार का कार्य अधिक चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि नया विश्व, इस कहावत को चरितार्थ कर रहा है कि ‘‘कलम (और कैमरा) तलवार से कहीं अधिक प्रभावशाली है।’’ अब घटनाओं की मात्र साधारण रिपोर्ट देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोकतंत्र को बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी देना भी है।