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छटे बजट में कुछ बढ़ा नहीं सब कुछ घटा है: अखिलेश


लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि आज विधानसभा में भाजपा सरकार ने जो छठा बजट पेश किया है उसमें कुछ बढ़ा नहीं सब कुछ घटा है। इस बजट में जनहित नदारद है। यह बजट नहीं बंटवारा है। इसमें सिर्फ आंकड़ों का मकड़जाल है। इस बजट से किसानों, नौजवानों, महिलाओं, व्यापारियों आदि तमाम लोगों को गहरी निराशा हुई है। बढ़ती महंगाई से आहत जनता को कोई राहत देने में भाजपा सरकार पूर्णतया विफल है। अभी भी पुरानी समाजवादी सरकार के ही काम नज़र आ रहे हैं।    

अखिलेश यादव ने कहा कि जिस भाजपा ने अपने चुनावी संकल्प-पत्र के वादों को भी नहीं निभाया, उन्हें झूठा बना दिया उससे कोई उम्मीद कैसे की जा सकती है। किसानों की आय दुगनी करने का वादा किया गया था, उसके बारे में राज्य सरकार चुप्पी साधे है। भाजपा राज में महंगाई चरम पर है। डीजल-पेट्रोल, सीमेंट, दाल, तेल, इस्पात, रसोई गैस सभी की कीमतें बढ़ी हैं। इससे गांवों में उदासी है। नौजवानों को नौकरी का झांसा दिया गया है। स्मार्टफोन और लैपटॉप का वादा नहीं निभाया। गांवों में न रोजगार है न नौकरियां है। भाजपा सरकार में कितने बेरोजगारों को नौकरी मिली, इसे सरकार क्यों नहीं बताती है?    

यादव ने कहा भाजपा सरकार के पास गरीब की मदद की कोई योजना नहीं है। गरीबों को गेहूं, चावल, तेल, नमक, चना देने की योजना थी लेकिन अब भाजपा राज में गेहूं नहीं मिलेगा, यह भी तय नहीं कि यह योजना कब तक चलाई जाएगी?   अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा अपने वादे झुठलाने में भी नम्बर वन है। प्रदेश में न तो नया सैनिक स्कूल खुला और नहीं मेडिकल व्यवस्था में सुधार हुआ। अस्पतालों में लाखों मरीज आ रहे हैं। उनके इलाज, दवाई की सुचारु व्यवस्था नहीं की गई। भाजपा सरकार प्राईवेट गन्ना मिलों से किसानों का गन्ना बकाया भुगतान कैसे कराएगी? जबकि वह किसानों का गन्ना बकाया राशि भी नहीं बता पा रही है। जनता को बिजली कटौती के कारण भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।   उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे के लिए केन्द्र वित्तीय मदद दे रही है। उत्तर प्रदेश में बनने वाले एक्सप्रेस-वे के लिए क्यों नहीं दे रही है। दारोगा भर्ती में बहुत घोटाला हुआ। इसे निरस्त किया जाना चाहिए। गौ-आश्रय स्थलों में सरकार भूसा तक तो उपलब्ध नहीं करा पा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की उम्मीदों पर भाजपा सरकार ने इस बजट से पानी फेर दिया है।