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भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की राजभाषा संगोष्ठी का हुआ उद्घाटन

"भारत का अमृत महोत्सव" कार्यक्रम के अंतर्गत होगा आयोजन

लखनऊ, सोशल टाइम्स। राजधानी में भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर "भारत का अमृत महोत्सव" कार्यक्रम के अंतर्गत भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, लखनऊ द्वारा तीन दिवसीय अखिल भारतीय वैज्ञानिक एवं तकनीकी राजभाषा संगोष्ठी का आयोजन 16 से 18 नवंबर के मध्य किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजभाषा हिन्दी के अनुप्रयोगों को तकनीकी एवं वैज्ञानिक कार्यक्रमों बढ़ावा देने के साथ –साथ इन क्रिया कलापों का संक्षिप्त विवरण आम जन-मानस को उनकी दैनिक बोल-चाल की भाषा में साझा करना भी है। मगंलवार को इस संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के महानिदेशक राजेन्द्र सिंह गर्खाल के कर कमलों द्वारा की गई ।

इस अवसर पर अखिल भारतीय वैज्ञानिक एवं तकनीकी राजभाषा संगोष्ठी के सारांश संकलन एवं भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की राज्य इकाई कर्नाटक व गोवा की हिन्दी गृह पत्रिका “वसुधा’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. बी पी सिंह, विभागाध्यक्ष, भूविज्ञान विभाग, काशी हिन्दू विश्वविध्यालय, वाराणसी ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा आयोजित संगोष्ठी के सफलतम आयोजन के लिए बधाई दी । उन्होंने कहा कि एक प्रकार से राजभाषा हिन्दी द्वारा पूरा राष्ट्र एक माला में पिरोया हुआ है, उसी तरह से ऐसे आयोजन विविधता में एकता के भी प्रतीक है। साथ ही कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि डा. संतोष कुमार, विभागाध्यक्ष, भूविज्ञान विभाग, कुमाऊँ विश्वविध्यालय, नैनीताल ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक क्षेत्रों मे राजभाषा हिन्दी के महत्ता का उल्लेख करते हुए इस प्रकार के बहुआयामी कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया ।