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खुलासा : प्रतापगढ़ के गिरोह ने की थी डिप्टी कमिश्नर के घर चोरी


लखनऊ। प्रतापगढ़ के अख्तियारी गांव के गिरोह ने जीएसटी डिप्टी कमिश्नर स्वर्गीय संजय शुक्ला के फ्लैट में चोरी की थी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है व दो अन्य की तलाश की जा रही है।


एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि 5 व 6 मई की रात को गोमती नगर विस्तार इलाके के सरयू अपार्टमेंट में रहने वाले संजय शुक्ला के घर में करीब 25 लाख के जेवर व रूपयो की चोरी हुई थी। उस समय डिप्टी कमिश्नर वाराणसी में थे। मौके से मिले सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में चोरों की पूरी तस्वीर आ गई थी। अपने घर में हुई चोरी के खुलासे के लिए खुद संजय शुक्ला पुलिस के साथ तफ्तीश में जुटे थे। वह खुद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और चोरों के आने-जाने के रास्ते के बारे में जानकारी दे रहे थे। इसका नक्शा भी पुलिस को बनाकर दिया था।


डिप्टी कमिश्नर ने खुद को मार ली थी गोली


17 मई की रात करीब 12 बजे अचानक संजय शुक्ला ने खुद को लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मार ली थी जिसमें उनकी मौत हो गई थी। एसीपी के अनुसार, चोरी के करीब 25 दिन बाद इस वारदात का खुलासा हुआ है। इस वारदात को प्रतापगढ़ के हथिगवां थानाक्षेत्र के छोटी अख्तियारी गांव निवासी राकेश सरोज ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने राकेश के साथ उसके एक साथी संतोष कुमार केसरवानी को भी गिरफ्तार किया है। संतोष प्रतापगढ़ के कुंडा कस्बे का रहने वाला है।


7.5 लाख की नगदी बरामद


प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार पटेल के मुताबिक, पकड़े गए दोनों शातिरों के पास से पुलिस ने एक बाइक, एक ऑटो, एक लग्जरी जीप कम्पास और एक ट्रैक्टर बरामद किया है। इसके अलावा 7.5 लाख रुपये नकदी भी मिली है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, आरोपियों ने घर से चोरी किये गए जेवरात को दूसरे दिन ही बेच दिया था जिससे मिली हुई रकम से अपाचे बाइक और एक ऑटो खरीदा था। वहीं कुछ दिन पहले राकेश ने एक ट्रैक्टर भी लोन कराया था जिसका करीब पांच लाख रुपये बकाया था। उसे भी चोरी की रकम से बैंक में जमा करा दिया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि संजय शुक्ला के फ्लैट से 2.50 लाख रुपये नकदी और लाखों रुपये के जेवरात उड़ाए थे।


यूं दिया था वारदात को अंजाम


एसीपी के मुताबिक, राकेश अपने साथियों के साथ शहीद पथ पर पहुंचा। वहां अपनी गाड़ी खड़ी कर दी। इसके बाद पैदल सरयू अपार्टमेंट के पिछले हिस्से में पहुंचा। चारदीवारी फांदकर अंदर गए। इस दौरान संजय शुक्ला के फ्लैट के बाहर चार-पांच दिन का अखबार पड़ा मिला। राकेश को विश्वास हो गया कि घर में कई दिन से कोई नहीं है उसके बाद उन लोगों ने ताला तोड़ा और वारदात को अंजाम दिया।


दिल्ली में सक्रिय था गिरोह


जानकारी के मुताबिक, गिरफ्त में आया गिरोह दिल्ली, हरियाणा, गुड़गांव, गाजियाबाद व नोएडा में सक्रिय था। राकेश सरोज का दिल्ली के नरौला स्थित विकासनगर में आलीशान मकान भी है। अप्रैल में दिल्ली में कोविड ने पांव फैलाए तो सभी प्रतापगढ़ वापस आ गए थे।