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सड़को पर दिखा सपा का दम, प्रदेश भर में हुआ प्रदर्शन

चुनावों में धांधली से नाराज़ अखिलेश, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन


लखनऊ, सोशल टाइम्स। गुरूवार को प्रदेश भर में सड़को पर समाजवादी पार्टी ने अपना दम दिखाया। बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर सपा ने 2022 के लिए उद्घोष कर दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी जनपदों की सभी तहसीलों पर जोरदार प्रदर्शन कर समाजवादी पार्टी ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित अपना 16-सूत्रीय मांग पत्र जिलों के अधिकारियों को सौंपा। अखिलेश यादव ने क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव में भाजपा सरकार द्वारा की गई धांधली और लोकतंत्र की हत्या के विरोध में प्रदर्शन की अपील की थी।

राज्य भर में लाखों कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। समाजवादी पार्टी ने बताया कि यह तो सर्वविदित है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में समाजवादी पार्टी के सदस्य भाजपा से ज्यादा विजयी हुए थे। लेकिन भाजपा ने छल-बल और प्रलोभन के अलावा सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग करते हुए अध्यक्ष पदों पर कब्जा जमा लिया है। भाजपा ने अपने विपक्ष के प्रत्याशियों और उनके समर्थकों का हर तरह से उत्पीड़न किया है। जिस तरह से भाजपा ने जनादेश की अवमानना करते हुए लोकतंत्र की हत्या की है उससे पूरे प्रदेश में क्षोभ की लहर व्याप्त है। महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन में भाजपा सरकार की नाकामियों का भी उल्लेख है।

राजधानी में जमकर हुआ प्रदर्शन

लखनऊ में सपा नगर अध्यक्ष सुशील दीक्षित व युवजन सभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास यादव के साथ भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ बार एसोसिएशन के महामंत्री जितेंद्र सिंह यादव 'जीतू', सौरभ यादव, पूजा शुक्ल, दीपक रंजन, एजाज़ अहमद, वीरेंद्र यादव, शैलेन्द्र लोधी, समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं व सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।


उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड में भी समाजवादियों ने प्रदर्शन किया। बता दें कि सपा ने पंचायत चुनाव में हुए सत्ता संरक्षित अत्याचार, आसमान छूते पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के दाम, आजम खां को फर्जी मुकदमों में जेल, ऐतिहासिक बेरोजगारी, दलितों, वंचितों पर हो रहे अत्याचार, ध्वस्त लॉ एंड ऑर्डर आदि मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया है। सत्ता पक्ष द्वारा लगातार ये कहा जा रहा था कि सपा ट्विटर तक सीमित रह गयी है, लेकिन इस विशाल प्रदर्शन से प्रदेश की राजनीती में बदलाव के आसार नज़र आ रहें हैं।