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सपा करेगी "किसान, नौजवान, पटेल यात्रा," सात चरणों में होगी पूर्ण

किसानों का स्वतंत्रता आंदोलन में सबसे अधिक योगदान: अखिलेश

लखनऊ, सोशल टाइम्स। बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में किसान-मजदूर-नौजवानों का सबसे अधिक योगदान रहा है। लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल द्वारा छेड़े गये खेड़ा के किसान आंदोलन, बारदोली के किसान आंदोलन, चम्पारन का किसान आंदोलन, नुनारा फतेहपुर सहित किसानों द्वारा छेड़ा गया लगान विरोधी आंदोलन तथा रायबरेली में 1921 में किसानों के बलिदान जैसे अनेको उदाहरण है जिसमें भारत की आजादी के लिए किसानों द्वारा किये गये संघर्ष एवं बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश में सबसे ज्यादा परिश्रमी, ईमानदार, हमारे किसान-मजदूर-बुनकर भाई हैं लेकिन मौजूदा भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा किसान-मजदूर, बुनकर, कुटीर उद्योग का धंधे करने वाले किसानों का शोषण-उत्पीड़न किया जा रहा है। लगातार बढ़ती मंहगाई से किसान-मजदूर-नौजवान, बुनकर सबसे ज्यादा गरीब हो गयें है। आर्थिक तंगी के कारण लोग आत्महत्या करने को मजबूर हैं। देश की 75 वर्ष की आजादी में भाजपा-कांग्रेस की कुनीतियों के कारण किसान-मजदूर भुखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल का कहना है कि किसान-मजदूर-बुनकर-नौजवानों का कल्याण समाजवादी विचारधारा में ही संभव है। समाजवादी आंदोलन के भविष्य अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्वकाल में किसान, मजदूर, बुनकर, नौजवान, छात्र, महिला, दलित-पिछड़े, अल्पसंख्यक भाइयों-बहनों के लिये विशेष योजनाओं को लागू कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का कार्य किया गया। अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी सरकार बनने पर ही स्वतंत्रता आंदोलन के सामाजिक सद्भाव के मूल्य एवं लोकतांत्रिक समाजवादी व्यवस्था मजबूत होगी।

बताया गया कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ‘खेत, खलिहान, कुटीर, उद्योग बचाओ, रोजगार दो‘ ‘‘ किसान, नौजवान, पटेल यात्रा‘‘ सात चरणों में होगी। यात्रा प्रथम चरण में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के नेतृत्व में 29 अगस्त को महमूदाबाद सीतापुर से शुरू होगी। 30 अगस्त को बहराइच, 31 अगस्त को श्रावस्ती, 1 सितंबर को बलरामपुर, 2 सितंबर को गोण्डा से होते हुयें 3 सितंबर को फैजाबाद में किसान नौजवान पटेल यात्रा पहुंचेगी। द्वितीय चरण में 8 सितंबर को बस्ती, 9 सितंबर सिद्धार्थनगर, 10 सितंबर महाराजगंज, 11 सितंबर गोरखपुर और 14 सितंबर को संतकबीरनगर पहुंचेगी। तृतीय चरण की यात्रा 17 सितंबर को बाराबंकी से शुरू होकर 18 सितंबर अंबेडकरनगर, 19 सितंबर सुल्तानपुर, 20 सितंबर अमेठी, 21 सितंबर प्रतापगढ़, 22 सितंबर रायबरेली, और 23 सितंबर को लखनऊ पहुंचेगी। यात्रा चौथे चरण में 27 सितंबर को उन्नाव, 28 सितंबर को फर्रूखाबाद, 29 सितंबर को कन्नौज एवं 30 सितंबर को कानपुर देहात पहुंचेगी। पाँचवे चरण में यात्रा 2 अक्टूबर फतेहपुर, 3 अक्टूबर कौशाम्बी, 4 अक्टूबर इलाहाबाद, 5 अक्टूबर चित्रकूट, 6 अक्टूबर बांदा, 7 अक्टूबर महोबा, 8 अक्टूबर झांसी, 9 अक्टूबर ललितपुर और 10 अक्टूबर को जालौन पहुंचेगी। छठे चरण में यात्रा 17 अक्टूबर हरदोई, 18 अक्टूबर शाहजहांपुर, 19 अक्टूबर बरेली, 20 अक्टूबर बदायूं, 21 अक्टूबर पीलीभीत और 22 अक्टूबर लखीमपुर खीरी में पहुंचेगी। किसान नौजवान पटेल यात्रा का अंतिम एवं सातवां चरण 25 अक्टूबर मऊ से शुरू होकर, 26 अक्टूबर आजमगढ़, 27 अक्टूबर जौनपुर, 28 इलाहाबाद, 29 अक्टूबर वाराणसी, 30 अक्टूबर मिर्जापुर के उपरांत 31 अक्टूबर को इलाहाबाद में इस यात्रा का समापन होगा।