• संवाददाता

विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ की बैठक हुई संपन्न


लखनऊ। विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ उ०प्र० की केन्द्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों, जिला/जोन अध्यक्षों/मंत्रियों की वर्चुअल बैठक बुधवार को सम्पन्न हुई।


बैठक में पूर्व के साथियों ने संघ पदाधिकारियों को अवगत कराया कि विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ द्वारा पूर्व में किए गए आंदोलन की बदौलत हमारे पूर्व के पदाधिकारियों ने तकनीशियन से लिपिकीय कार्य न करवाने, सातवे वेतन आयोग से एक इंक्रीमेंट, 4200 ग्रेड पे की डिमांड को पॉवर कॉरपोरेशन से शासन तक तक पहुंचाने, तकनीशियन साथियों की भर्ती में उनकी तैनाती।


गृह जनपद में करवाने , तकनीशियन से अवर अभियंता पद पर प्रोन्नति, तकनीशियन कर्मचारियों को एक मंच देने, जैसे अनेकों संवर्ग हित में कार्य किए है परन्तु बीते कुछ वर्षों में विलय के दिनों दूषित वातावरण होने के कारण तकनीकी कर्मचारी जहां से विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ ने छोड़ा था वहीं पर है जिस कारण विलय भंग किया गया।


बैठक का केन्द्र बिन्दु यह रहा कि वर्तमान में चल रहे संयुक्त संघर्ष समिति के आंदोलन व उनके मुद्दे।


।विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ उ०प्र० की केन्द्रीय कार्यसमिति ने यह निर्णय लिया है कि किसी भी स्थिति में सदस्यों को निजीकरण किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं है। निजीकरण पर विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ का प्रत्येक सदस्य एकजुट होकर लडाई लड़ेगा, संघ सदस्यों द्वारा निजीकरण के संबंध में यह राय अपनी स्पष्ट की है कि विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ हमेशा रावण रूपी निजीकरण का वध करने हेतु किसी भी स्तर से लडाई लडने हेतु अग्रसर है।