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अघोषित आपातकाल: दैनिक भास्कर व भारत समाचार पर आयकर के छापे

चौथे स्तंभ पर वार, ज़मीनी खबरों से डरी सत्ता ?

लखनऊ, सोशल टाइम्स। गुरुवार को आयकर विभाग ने भारत के प्रमुख मीडिया समूह दैनिक भास्कर व भारत समाचार के दफ्तरों पर छापेमारी की। दैनिक भास्कर ग्रुप के अलग-अलग शहरों में दफ्तरों पर छापेमारी हुई। भोपाल, जयपुर, अहमदाबाद, नोएडा और कुछ दूसरे ठिकानों पर रेड पड़ी। वहीं लखनऊ में भारत समाचार के एडिटर इन चीफ ब्रजेश मिश्रा और अन्य कर्मचारियों के घरो पर छापे मारे गए। बड़े नेताओं व पत्रकारों ने इस कार्रवाई को अघोषित आपातकाल का नाम दिया। साथ ही इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर वार बताया गया।


मामले पर दैनिक भास्कर ने कहा कि उनके दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान स्थित दफ्तरों पर आयकर के रेड डाले गए। दैनिक भास्कर ने अपने एक ट्वीट में लिखा है-


“सच्ची पत्रकारिता से डरी सरकार: गंगा में लाशों से लेकर कोरोना से मौतों के सही आंकड़े देश के सामने रखने वाले भास्कर ग्रुप पर सरकार की दबिश.”

भास्कर ने कहा कि कई कर्मचारियों के घरों पर भी छापे मारे गए, दफ्तरों में काम कर रहे लोगों के मोबाइल फोन ले लिए गए और उन्हें बाहर नहीं जाने दिया गया। नाइट शिफ्ट में काम कर रही डिजिटल टीम को रात साढ़े बारह बजे जाने के लिए कह दिया गय।


भारत समाचार ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर बताया कि इसके एडिटर-इन-चीफ ब्रजेश मिश्रा स्टेट हेड वीरेंद्र सिंह और कुछ कर्मचारियों के घरों और चैनल के दफ्तर में छापे मारे गए। एडिटर इन चीफ़ बृजेश मिश्रा ने कहा -


उत्पीड़न के उद्देश्य से छापेमारी की गई है। सच के साथ हमेशा खड़ा रहा है भारत समाचार और आगे भी खड़ा रहेगा।

देश भर के नेताओं और वरिष्ठ पत्रकारों ने इस घटना की निंदा की। ममता बनर्जी, अरविन्द केजरीवाल, अखिलेश यादव, संजय सिंह, जीतू पटवारी, रविश कुमार,अजित अंजुम आदि लोगो ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी।