• संवाददाता

यूपी इंजीनियर्स एसोसिएशन ने की डिप्टी सीएम से मुलाकात

लखनऊ, सोशल टाइम्स। लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) से अधिशासी अभियंता (सिविल) के पद पर लटकी पदोन्नति के मामले ने फिर तो तूल पकड़ लिया है। जिस सम्बन्ध में उप मुख्यमंत्री से यूपी इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि मण्डल द्वारा शुक्रवार को भेंट की गई।


एसोसिएशन के प्रतिनिधि मण्डल द्वारा प्रमुख अभियन्ता, मुख्य अभियन्ता स्तर-1 व 2, अधीक्षण अभियन्ता की पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। अधिशासी अभियन्ता के पद पर नियमित डीपीसी करवाने का अनुरोध किया गया। जिसके बाद डिप्टी सीएम ने नियमित डीपीसी ही कराने के लिए आश्वस्त किया।


दरअसल सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में विचाराधीन विभिन्न वादों के कारण विगत 3 वर्षो से लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) से अधिशासी अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नति नहीं हुई है। जिसके कारण वर्तमान चयनवर्ष 2021-22 में अधिशासी अभियन्ता (सिविल) की कुल 366 स्वीकृत पदों के विरूद्ध 183 से अधिक पद रिक्त हैं एवं चयनवर्ष 2021-22 तक कुल 219 पद रिक्त होंगे।


पदोन्नति के संबंध में शासन द्वारा महाधिवक्ता से विधिक परामर्श मांगा गया था, जिसके क्रम में महाधिवक्ता द्वारा उक्त विचाराधीन वादों के आलोक में पदोन्नति के लिए उच्च न्यायालय में लम्बित वादों का शीघ्र निस्तारण कराने के लिए प्रार्थना-पत्र प्रेषित करते हुए अन्तिम विकल्प के रूप में काम चलाऊ व्यवस्था के अन्तर्गत प्रभारी अधिशासी अभियंता बनाये जाने का परामर्श दिया गया। वहीं एसोसिएशन द्वारा प्रभारी अधिशासी अभियंता बनाये जाने का विरोध करते हुए शासन एवं विभाग स्तर से प्रकरण में उच्च न्यायालय से पदोन्नति हेतु त्वरित आदेश प्राप्त करने की मांग उठाई है। वहीं एसोसिएशन का कहना है कि यदि नयायालय से अंतिम आदेश पारित नहीं हो पा रहे है तो इस दशा में अंतिम निर्णय के अधीन करते हुए नियमित पदोन्नति की जाएं।