• संवाददाता

कमज़ोर सिलेंडर के कारण हुआ था चिनहट ऑक्सीजन ब्लास्ट



लखनऊ। राजधानी में चिनहट के देवा रोड स्थित केटी ऑक्सीजन प्लांट में हुए विस्फोट की जांच रिपोर्ट कमेटी ने शुक्रवार को शासन को भेजी गयी। रिपोर्ट में लिखा गया कि सिलेंडर कमजोर होने से यह हादसा हो सकता है। इसके अलावा कुछ और कारण भी संभावना के तौर पर गिनाए गए हैं। सिलेंडर व कई अन्य सैंपल की जांच रिपोर्ट के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।


चिन्हट स्थित ऑक्सीजन प्लांट में रिफिलिंग के समय विस्फोट से तीन लोगों की मौत हो गई थी व आठ लोग घायल हो गए थे। शासन के आदेश पर डीएम ने जांच के लिए एडीएम अमरपाल सिंह, एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आबिदी, सीएफओ विजय कुमार सिंह व औषधि निरीक्षक बृजेश कुमार की कमेटी बनाई थी। कमेटी ने दो दिन तक हर पहलू की जांच की और फैक्ट्री मालिक अतुल कुमार व अस्पताल में भर्ती प्लांट के चार कर्मचारियों के बयान व मौके से कई सैंपल लिए। इसी आधार पर शुरुआती जांच रिपोर्ट शासन भेजी गई है। अंतिम जांच रिपोर्ट सैंपल की जांच हो जाने के बाद भेजी जाएगी। कमेटी ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच पेट्रोलियम एक्सप्लोसिव विभाग से कराने की सिफारिश भी की है।


कमेटी की रिपोर्ट में हादसे के विभिन्न कारण बताए गये -


  • रीफिलिंग होने वाले सिलेंडर कमजोर होना

  • सिलेंडर में पहले से कोई गैस होना

  • सिलेंडर में पहले से कोई ड्रॉपलेट का होना

  • सिलेंडर अंदर से ज्यादा गर्म होना

  • रीफिलिंग के समय लापरवाही बरतना


कमेटी ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट में आने वाले लोगों को कम से कम 100 मीटर दूर रखा जाए। रीफिलिंग के काम में प्रशिक्षित कर्मचारी को ही लगाया जाए व रीफिलंग से पहले सिलेंडर की क्षमता का आंकलन किया जाए। कमेटी ने कहा कि प्लांट के अंदर अनावश्यक भीड़ न जुटने दी जाए तथा प्लांट पर कार्यरत कर्मचारी पूरी तरह से तकनीकी रूप से दक्ष हों।


जानकारी के अनुसार प्लांट में विस्फोट के बाद आसपास के घरों में दहशत है। स्थानीय निवासी ne बताया कि प्लांट के ठीक पड़ोस स्थित मकान संख्या 228 में किरायेदार रहते थे। ब्लास्ट के ठीक बाद दहशत के चलते किरायेदार मकान छोड़कर अपने गांव चले गए। वहीं, कुछ अन्य निवासी भी दहशत में हैं।