• संवाददाता

वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधियों ने की संकल्प योजना के कोर्सों की समीक्षा


लखनऊ। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा प्रदेश के 14 से 35 आयुवर्ग के अल्पशिक्षित तथा स्कूल ड्रापआउट युवाओं को निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आजीविका उपार्जन हेतु सक्षण बनाने के दृष्टि से अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये जा रहे है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा यूपीएसआरएलएम से समन्वय स्थापित कर स्वयं सहायता समूहों की 16 हजार से अधिक महिला सदस्यों को सिलाई कढ़ाई में प्रशिक्षण प्रदान कर उनकों सामाजिक आर्थिक रूप से सशक्त व स्वालम्बी बनाने का प्रयास किया गया है। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार की संयुक्त सचिव (संकल्प डिवीजन), एसएसडीई अनुराधा वेमुरी तथा वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधियों के द्वारा संकल्प योजना के अन्तर्गत चलाये जा रहे कोर्सों की समीक्षा की गयी। उनके द्वारा अलीगंज स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में स्थित रेमंड टेलरिंग सेंटर में जाकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं से जानकारी ली गयी। उन्होंने छात्र-छात्राओँ से प्रशिक्षण सम्बन्धी जानकारी लेते हुए उनके द्वारा बनाये जा रहे सैंपल को देखा गया। उन्होंने छात्रों से कौन कौन से प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है और क्या क्या सीख लिया है इसकी भी जानकारी ली। छात्र-छात्राओं द्वारा अधिकारियों को उनके द्वारा लिये जा रहे प्रशिक्षण की जानकारी दी तथा उनके द्वारा बनाये गये सैम्पलों को भी दिखाया। देश भर में युवाओं के लिए गुणवत्ता और बाजार-प्रासंगिक प्रशिक्षण तक पहुंच बढ़ाने के लिए और कौशल विकास के लिए संस्थागत तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए ‘संकल्प’ को 19 जनवरी 2018 को आरंभ किया गया था। संकल्प की कार्यान्वयन अवधि छह वर्ष की है, जो मार्च 2023 तक है। संकल्प का उद्देश्य, कौशल विकास कार्यक्रमों में अभिसरण के बारे में जानकारी देना, गुणवत्ता में बदलाव लाना और उन्हें अल्पकालिक प्रशिक्षण के संदर्भ में निजी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए बाजार को प्रासंगिक और सुलभ बनाकर मौजूदा चुनौतियों का समाधान करना है। संकल्प योजना के तहत कौशल विकास मिशन उत्तर प्रदेश के अन्तर्गत विभिन्न कोर्स संचालित किये जा रहे है। इन कोर्सों की समीक्षा कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार से द्वारा की जाती है।